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Positive-4

 *"प्रसन्न" वो हैं जो "अपना"* 

*मूल्यांकन "स्वयं" करते रहते हैं*

*और "परेशान" वो हैं जो*

*"दूसरों" का मूल्यांकन करते रहते हैं।*

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Positive 2

किसी भी परेशानी से बाहर निकलने में आपकी मदद आपके अलावा और कोई नहीं कर सकता ... ईश्वर भी तभी मदद करता है ... जब आप मदद लेने के लिये परिश्रम करते हो ...

Positive -1

 आपकी पहली जरूरत आप खुद है इसलिए सबसे पहले खुद को वक़्त देना सीखिए।                

Postive-3

  * मुसीबतें रूई से भरे थैले की तरह होती है; देखते रहोगे तो बहुत भारी दिखेगी और उठा लोगे तो एकदम हल्की हो जायेगी।*