*मुसीबतें रूई से भरे थैले की तरह होती है; देखते रहोगे तो बहुत भारी दिखेगी और उठा लोगे तो एकदम हल्की हो जायेगी।*
किसी भी परेशानी से बाहर निकलने में आपकी मदद आपके अलावा और कोई नहीं कर सकता ... ईश्वर भी तभी मदद करता है ... जब आप मदद लेने के लिये परिश्रम करते हो ...
Ok
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